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Sed do eiusmod temaor ( By: Jhon Doe )

Sed do eiusmod. ( By: Jhon Doe )

Sed do eiusmod temaor. ( By: Jhon Doe )

एक ऐसी घटना जिसनेँ डायनामाइट का आविष्कार करने वाले अल्फ्रेड नोबेल के जीवन को शांति की दिशा प्रदान की

करीब एक सदी पहले एक व्यक्ति अखबार पढ़ रहे थे। अचानक ही उनकी नजर अखबार के शोक समाचार वाले कालम पर पड़ी और वे चौँक पड़े क्योँकि शोक समाचार मेँ उन्हीँ के मौत की खबर छपी थी। वे घबरा गये कि आखिर ये कैसे हो गया?

इसमेँ गलती समाचार पत्र वालोँ की थी, जिन्होँने दुसरे व्यक्ति के जगह मेँ इनका नाम प्रकाशित कर दिया था।

कुछ पल बाद जब वह आदमी सामान्य हुआ तो उसनेँ सोचा कि अगर वाकई मैँ मर गया होता तो लोग मुझे कैसे याद करते?

यह सोँचते हुये उसनेँ समाचार पत्र को शुरू से पुरा पढ़ा। वह यह सुनकर हैरान हो गया कि उसके लिये मौत का व्यापारी और डाइनामाइट किँग जैसे शब्दोँ का प्रयोग किया गया था। ये आदमी और कोई नहीँ डायनामाइट का आविष्कार करने वाले अल्फ्रेड नोबेल थे।

यह सब कुछ पढ़नेँ के बाद अल्फ्रेड ने सोचा कि क्या मेरे मरने के बाद लोग मुझे ऐसे ही याद करेँगे?

मन ही मन विचारोँ मेँ उलझते जा रहे अल्फ्रेड ने तय किया कि वो इस पहचान के साथ नहीँ मरना चाहते कि लोग उन्हेँ मौत का सौदागर (व्यापारी) कहकर याद रखेँ।

इस सोँच के बाद से ही अल्फ्रेड दुनियाभर मेँ शांति प्रयासोँ मेँ लग गये। इतना ही नहीँ उन्होँने अपने नाम से नोबेल पुरूस्कार की स्थापना भी की।

आज पुरी दुनिया उन्हेँ महान नोबेल पुरूस्कार के जनक के तौर पर याद करती है।

आखिर जब हम इस दुनिया से विदा होगे, तो लोग हमारे बारे मेँ क्या Comment देँगे? लोग हमेँ किस रूप मेँ याद रखेँगे? ये कुछ ऐसे सवाल हैँ जो हम शायद ही कभी सोँचते होँ?

लेकिन इस सवाल का जवाब इस एक छोटी सी कहानी मेँ तलाशा जा सकता है। बस सिर्फ हमेँ अल्फ्रेड नोबेल की तरह ही अपनेँ दिल की आवाज को सुनना होगा कि हम जो कर रहे हैँ वो अच्छा है या बुरा?

अगर हम चाहते हैँ कि लोग हमेँ एक अच्छे इंसान के रूप मेँ याद रखेँ तो हमेँ अपनेँ जीवन मेँ अच्छे काम ही करनेँ चाहिये तभी लोग हमेँ भले रूप मेँ याद करेँगे।

दोस्तोँ जीवन का कोई भरोसा नहीँ है इसलिये जो भी करना है अभी भरपुर समय है अभी कर डालिये क्योँकि अच्छे कामोँ को कल पर टालना सबसे बड़ी मुर्खता कहलाती है। और आप “हमारी सफलता” के Regular reader हैँ तो इतना तो यकीन से कह सकता हूँ कि आप किसी भी काम को कल पर नहीँ टालते होँगे, बहानेँ नहीँ बनाते होँगे। इसलिये आज ही एक Note book बनायेँ जिसमेँ अपनी उन बेहतरीन यादोँ को लिखेँ उन अच्छे कामोँ का विवरण लिखेँ जिसके बदौलत आप इस दुनिया मेँ अपनेँ यादोँ का छाप छोड़ सकेँ।